D.El.El. Hindi / Nepali CPS-01 Short question

D.El.El. Hindi / Nepali CPS-01 Short question

G Success for Better Future
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  • मूल्यांकन के दो उद्देश्य: मूल्यांकन का पहला उद्देश्य छात्रों की सीखने की प्रगति को मापना है। दूसरा उद्देश्य शिक्षण विधियों में सुधार करना और छात्रों की आवश्यकताओं के अनुसार पाठ्यक्रम को अनुकूलित करना है।
  • अशुद्ध उधारण के कारण: अशुद्ध उधारण के कारणों में मुख्यतः गलत जानकारी का स्रोत, संदर्भ की कमी, और संदर्भित सामग्री की गलत व्याख्या शामिल हैं। इसके अलावा, ध्यान न देने या समय की कमी भी अशुद्ध उधारण का कारण बन सकती है।
  • 'आग' का चार पर्यायवाची: अग्नि, ज्वाला, प्रज्वलन, और दहक। ये सभी शब्द आग के विभिन्न रूपों या विशेषताओं को दर्शाते हैं।
  • प्रतिवेदन लिखते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?: प्रतिवेदन लिखते समय स्पष्टता, संक्षिप्तता, और तथ्यात्मकता का ध्यान रखना चाहिए। इसके अलावा, सही भाषा और व्याकरण का उपयोग करना भी आवश्यक है।
  • निन की वर्तनी शुद्ध कीजिए: "निन" की सही वर्तनी "निन" ही है, लेकिन यदि आप "निन" का कोई विशेष संदर्भ दे रहे हैं, तो कृपया स्पष्ट करें।
  • पराकरम् निष्चित मयार्दितकृतीथ: सही वर्तनी "पराक्रम निश्चित मायार्दितकृति" होनी चाहिए।
  • मौनवाचन के दो उद्देश्य: मौनवाचन का पहला उद्देश्य पाठ की गहराई से समझ विकसित करना है। दूसरा उद्देश्य विचारों को व्यवस्थित करना और ध्यान केंद्रित करना है।
  • 'शाश्वत' और 'उत्तीर्ण' का विलोम शब्द: 'शाश्वत' का विलोम 'क्षणिक' है, और 'उत्तीर्ण' का विलोम 'अवशिष्ट' है।
  • उत्पत्ति के आधार पर उदाहरण सहित शब्दों के भेदों को लिखिए: शब्दों के भेदों में संज्ञा, क्रिया, विशेषण, और अव्यय शामिल हैं। उदाहरण: संज्ञा - "पुस्तक", क्रिया - "पढ़ना", विशेषण - "सुंदर", अव्यय - "और"।
  • मोहन पढ़ाई के साथ खेल में भी अच्छा है।: यह वाक्य सही है और लिंग निर्णय की आवश्यकता नहीं है।
  • लिंग निर्णय कीजिए: "विजय" पुल्लिंग है, "ग्रंथ" पुल्लिंग है, "चाय" स्त्रीलिंग है, और "पानी" पुल्लिंग है।
  • कहानी शिक्षण के उद्देश्य लिखिए: कहानी शिक्षण का उद्देश्य नैतिक शिक्षा देना, कल्पना को बढ़ावा देना, और भाषा कौशल में सुधार करना है। यह बच्चों में रुचि और समझ विकसित करने में भी सहायक है।
  • संयुक्त वाक्य में बदलिए: "मोहन पढ़ाई करता है और खेलता है।" को "मोहन पढ़ाई और खेल दोनों करता है।" में बदला जा सकता है।
  • कारक कितने प्रकार के होते हैं? उनके नाम लिखिए: कारक मुख्यतः छह प्रकार के होते हैं: कर्ता कारक, कर्म कारक, संप्रदान कारक, अपादान कारक, अधिकरण कारक, और संप्रदाय कारक।

 शिक्षा के उद्देश्य लिखिए।

    1. शिक्षा के उद्देश्य में ज्ञान का विकास, नैतिक मूल्यों का निर्माण, सामाजिक कौशल का विकास, और व्यक्तित्व का समग्र विकास शामिल हैं।
  • साहित्य के महत्व पर लिखिए।
    1. साहित्य समाज की सोच को प्रभावित करता है, संस्कृति को संरक्षित करता है, और मानव अनुभवों को व्यक्त करने का माध्यम प्रदान करता है। यह विचारों और भावनाओं का आदान-प्रदान भी करता है।
  • 'जल' का चार पर्यायवाची लिखिए।
    1. जल, नीर, अप, और स्राव। ये सभी शब्द जल के विभिन्न रूपों या विशेषताओं को दर्शाते हैं।
  • रिपोर्ट लिखते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
    1. रिपोर्ट लिखते समय तथ्यात्मकता, स्पष्टता, संक्षिप्तता, और उचित संरचना का ध्यान रखना चाहिए। इसके अलावा, सही भाषा और व्याकरण का उपयोग भी आवश्यक है।
  • 'संगीत' का विलोम शब्द लिखिए।
    1. 'संगीत' का विलोम शब्द 'निषेध' है।
  • संज्ञा के भेदों को उदाहरण सहित लिखिए।
    1. संज्ञा के भेदों में व्यक्तिवाचक संज्ञा (जैसे "राम"), जातिवाचक संज्ञा (जैसे "पुस्तक"), और सामूहिक संज्ञा (जैसे "दल") शामिल हैं।
  • 'सूरज' और 'चाँद' का लिंग निर्णय कीजिए।
    1. 'सूरज' पुल्लिंग है और 'चाँद' स्त्रीलिंग है।
  • कविता के शिक्षण के उद्देश्य लिखिए।
    1. कविता शिक्षण का उद्देश्य भाषा कौशल में सुधार, भावनाओं की अभिव्यक्ति, और कल्पना को बढ़ावा देना है। यह बच्चों में साहित्यिक रुचि भी विकसित करता है।
  • संयुक्त वाक्य में बदलिए।
    1. "सीता गाती है और राम नाचता है।" को "सीता गाती है और राम भी नाचता है।" में बदला जा सकता है।
  • कारक के प्रकार लिखिए।
    1. कारक मुख्यतः छह प्रकार के होते हैं: कर्ता कारक, कर्म कारक, संप्रदान कारक, अपादान कारक, अधिकरण कारक, और संप्रदाय कारक।
  • सामाजिक मूल्य क्या हैं? लिखिए।
    1. सामाजिक मूल्य वे मान्यताएँ और सिद्धांत हैं जो समाज में व्यवहार और संबंधों को निर्धारित करते हैं। इनमें ईमानदारी, सहिष्णुता, और सहयोग शामिल हैं।
  • 'शिक्षा' का महत्व लिखिए।
    1. शिक्षा व्यक्ति को ज्ञान, कौशल, और नैतिक मूल्यों से संपन्न करती है। यह समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने और व्यक्तिगत विकास में सहायक होती है।
  • 'पुस्तक' का चार पर्यायवाची लिखिए।
    1. पुस्तक, ग्रंथ, लेख, और दस्तावेज़। ये सभी शब्द पुस्तक के विभिन्न रूपों को दर्शाते हैं।
  • वर्णमाला के स्वर और व्यंजन लिखिए।
    1. स्वर: अ, , , , , , , , , , औ।
    2. व्यंजन: क, , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ह।
  • प्रोफेसर सुनीति कुमार चट्टोपाध्याय ने अपनी किस पुस्तक में बंगाली वर्तनी की समस्या को व्यक्त किया है?
    1. प्रोफेसर सुनीति कुमार चट्टोपाध्याय ने अपनी पुस्तक "बंगाली वर्तनी" में बंगाली वर्तनी की समस्या को व्यक्त किया है।
  • एक लेख प्रणाली क्या है?
    1. लेख प्रणाली एक ऐसी प्रणाली है जिसमें लेखन के नियम और विधियों का पालन किया जाता है। यह लेखन की प्रक्रिया को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने में मदद करती है।
  • अनुवाद या अनुवाद क्या है?
    1. अनुवाद एक प्रक्रिया है जिसमें एक भाषा के पाठ को दूसरी भाषा में परिवर्तित किया जाता है। यह शब्दों, वाक्यों और विचारों को सही ढंग से व्यक्त करने का कार्य है।
  • आदर्श लड़के में क्या विशेषताएं होनी चाहिए?
    1. आदर्श लड़के में ईमानदारी, जिम्मेदारी, सहानुभूति, और अनुशासन जैसी विशेषताएं होनी चाहिए। उसे अपने लक्ष्यों के प्रति समर्पित और मेहनती होना चाहिए।
  • आणविक अधिगम की दो विशेषताएँ लिखिए?
    1. आणविक अधिगम की विशेषताएँ हैं: (1) यह व्यक्तिगत अनुभवों पर आधारित होता है, और (2) यह सामाजिक और सांस्कृतिक संदर्भों को ध्यान में रखता है।
  • आरोही विधि क्या है?
    1. आरोही विधि एक शिक्षण विधि है जिसमें सरल से जटिल विषयों की ओर बढ़ा जाता है। यह छात्रों को पहले बुनियादी ज्ञान प्रदान करती है और फिर उन्हें अधिक जटिल अवधारणाओं की ओर ले जाती है।
  • कौन से सबक सबसे सुखद हैं?
    1. ऐसे सबक जो छात्रों की रुचियों और आवश्यकताओं के अनुसार होते हैं, वे सबसे सुखद होते हैं। जब विषय रोचक और प्रासंगिक होता है, तो छात्रों को सीखने में आनंद आता है।
  • एक चार्वन सबक क्या है?
    1. चार्वन सबक वह होता है जिसमें छात्रों को सक्रिय रूप से शामिल किया जाता है। इसमें चर्चा, समूह कार्य, और प्रायोगिक गतिविधियाँ शामिल होती हैं।
  • तात्सम नामक शब्द क्या है? उदाहरण दीजिए।
    1. तात्सम शब्द वे होते हैं जो संस्कृत से सीधे लिए गए हैं और जिनका रूप-रंग नहीं बदला गया है। उदाहरण: "पुस्तक", "गृह", "नदी"।
  • निरंतर मूल्यांकन के लिए दो आवश्यकताओं को लिखें।
    1. निरंतर मूल्यांकन के लिए आवश्यकताएँ हैं: (1) नियमित फीडबैक प्रदान करना, और (2) छात्रों की प्रगति को समय-समय पर मापना।
  • पाठ योजना की दो आवश्यकताओं को लिखें।
    1. पाठ योजना की आवश्यकताएँ हैं: (1) स्पष्ट उद्देश्यों का निर्धारण, और (2) शिक्षण विधियों और संसाधनों की योजना बनाना।
  • किसी व्यक्ति के समग्र विकास के प्रमुख तत्व क्या हैं?
    1. समग्र विकास के प्रमुख तत्वों में शारीरिक विकास, मानसिक विकास, सामाजिक विकास, और नैतिक विकास शामिल हैं।
  • व्याकरण क्या है?
    1. व्याकरण भाषा के नियमों और संरचना का अध्ययन है। यह शब्दों, वाक्यों और उनके उपयोग के नियमों को निर्धारित करता है।
  • व्याकरण शिक्षा का मुख्य उद्देश्य क्या है?
    1. व्याकरण शिक्षा का मुख्य उद्देश्य छात्रों को भाषा के सही उपयोग और संरचना को समझाना है, ताकि वे प्रभावी ढंग से संवाद कर सकें।
  • व्याकरण सीखने के लिए कौन सी विधि सबसे अच्छी है और क्यों?
    1. संवादात्मक विधि सबसे अच्छी है क्योंकि यह छात्रों को व्याकरण के नियमों को वास्तविक जीवन में लागू करने का अवसर देती है, जिससे उनकी समझ और कौशल में सुधार होता है।
  • एक अच्छे पाठक की दो विशेषताएं?
    1. एक अच्छे पाठक की विशेषताएँ हैं: (1) ध्यान केंद्रित करना, और (2) सामग्री का विश्लेषण करना।
  • अच्छी लिखावट की दो विशेषताएँ लिखिए?
    1. अच्छी लिखावट की विशेषताएँ हैं: (1) स्पष्टता, और (2) सुसंगतता।
  • भाषा अधिग्रहण से क्या तात्पर्य है?
    1. भाषा अधिग्रहण से तात्पर्य है किसी व्यक्ति द्वारा भाषा को स्वाभाविक रूप से सीखने की प्रक्रिया। यह सुनने, बोलने, पढ़ने और लिखने के माध्यम से होता है।
  • मातृभाषा क्या है? अपनी मातृभाषा में महारत हासिल करने का क्या मतलब है?
    1. मातृभाषा वह भाषा है जो व्यक्ति अपने परिवार और समाज से पहले सीखता है। मातृभाषा में महारत हासिल करने का मतलब है उस भाषा में उच्च स्तर की दक्षता प्राप्त करना।
  • राडी बोली की दो विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
    1. राडी बोली की विशेषताएँ हैं: (1) यह क्षेत्रीय विशेषताओं को दर्शाती है, और (2) इसमें स्थानीय शब्दावली और उच्चारण का उपयोग होता है।
  • जोर से पढ़ने के दो फायदे लिखिए।
    1. जोर से पढ़ने के फायदे हैं: (1) यह ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है, और (2) यह उच्चारण और शब्दावली में सुधार करता है।
  • सामान्य शिक्षण या व्यापक अधिगम और शिक्षण के बीच दो अंतरों को लिखिए।
    1. सामान्य शिक्षण में पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षण होता है, जबकि व्यापक अधिगम में छात्रों की रुचियों और आवश्यकताओं के अनुसार शिक्षण होता है। सामान्य शिक्षण अधिक संरचित होता है, जबकि व्यापक अधिगम लचीला होता है।
  • एक रचनात्मक भूमिका की विशेषता क्या है?
    1. एक रचनात्मक भूमिका की विशेषता है कि यह छात्रों को स्वतंत्रता देती है, जिससे वे अपनी कल्पना और विचारों को व्यक्त कर सकें।
  • गैर-स्वाद वाले पढ़ने की विशेषता क्या है?
    1. गैर-स्वाद वाले पढ़ने की विशेषता है कि इसमें पाठक केवल जानकारी प्राप्त करने के लिए पढ़ता है, न कि आनंद के लिए। यह आमतौर पर शैक्षणिक या तकनीकी सामग्री के लिए होता है।
  • प्रतिलेखन और श्रवण लेखन के बीच अंतर लिखें?
    1. प्रतिलेखन में किसी मौखिक सामग्री को लिखित रूप में बदलना होता है, जबकि श्रवण लेखन में सुनकर लिखने की प्रक्रिया होती है। प्रतिलेखन में सटीकता अधिक महत्वपूर्ण होती है।
  • अर्थ के अनुसार वाक्यों के प्रकारों की चर्चा कीजिए।
    1. वाक्य मुख्यतः चार प्रकार के होते हैं: (1) सरल वाक्य, (2) संयुक्त वाक्य, (3) मिश्रित वाक्य, और (4) जटिल वाक्य। सरल वाक्य में एक ही विचार होता है, जबकि संयुक्त वाक्य में दो या अधिक विचार होते हैं।
  • आदर्श सबक क्या है? आदर्श पठन की विशेषताओं पर चर्चा कीजिए।
    1. आदर्श सबक वह होता है जो छात्रों की रुचियों और आवश्यकताओं के अनुसार होता है। इसकी विशेषताएँ हैं: स्पष्ट उद्देश्य, सक्रिय भागीदारी, और मूल्यांकन के लिए अवसर।
  • उदाहरणों के साथ व्याकरण सिखाने के विभिन्न तरीकों पर चर्चा करें?
    1. व्याकरण सिखाने के तरीके में संवादात्मक विधि (जैसे समूह चर्चा), दृश्य विधि (जैसे चित्रों का उपयोग), और खेल आधारित विधि (जैसे भाषा खेल) शामिल हैं।
  • बातचीत का उद्देश्य क्या है? भाषण में सुधार के लिए किन तरीकों का पालन किया जाना चाहिए?
    1. बातचीत का उद्देश्य विचारों का आदान-प्रदान करना है। भाषण में सुधार के लिए स्पष्टता, आत्मविश्वास, और उचित उच्चारण का ध्यान रखना चाहिए।
  • कार्यपत्रक या कार्य पृष्ठ के लाभ लिखें.
    1. कार्यपत्रक छात्रों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करते हैं, और यह उनकी समझ को गहरा करते हैं। यह आत्म-निर्देशित अध्ययन को भी प्रोत्साहित करता है।
  • वाक्य के प्रकार क्या हैं और वे क्या हैं? प्रत्येक प्रकार का संक्षिप्त परिचय दें।
    1. वाक्य के प्रकार हैं: (1) सरल वाक्य - एक विचार व्यक्त करता है। (2) संयुक्त वाक्य - दो विचारों को जोड़ता है। (3) जटिल वाक्य - एक मुख्य और एक या अधिक उपवाक्य होते हैं। (4) मिश्रित वाक्य - सरल और जटिल वाक्यों का संयोजन।
  • पाठ योजना के लाभों पर चर्चा करें।
    1. पाठ योजना शिक्षकों को व्यवस्थित रूप से पढ़ाने में मदद करती है, छात्रों की प्रगति को मापने का अवसर देती है, और शिक्षण विधियों को अनुकूलित करने में सहायक होती है।
  • विशेषज्ञता की अपेक्षा को आकार देने के लिए सिद्धांतों को लिखें?
    1. विशेषज्ञता की अपेक्षा को आकार देने के लिए सिद्धांतों में अनुभव आधारित शिक्षा, सक्रिय अधिगम, और समग्र विकास के सिद्धांत शामिल हैं।
  • वर्तनी की गलतियों के मनोवैज्ञानिक कारणों को स्पष्ट कीजिए।
    1. वर्तनी की गलतियों के मनोवैज्ञानिक कारणों में ध्यान की कमी, आत्मविश्वास की कमी, और भाषा के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण शामिल हैं।
  • व्याकरण पढ़ने को दिलचस्प बनाने के लिए आप एक शिक्षक के रूप में क्या दृष्टिकोण चुनेंगे? उस दृष्टिकोण की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
    1. मैं संवादात्मक दृष्टिकोण चुनूंगा, जिसमें छात्रों को सक्रिय रूप से शामिल किया जाएगा। इसकी विशेषताएँ हैं: समूह चर्चा, खेल, और प्रायोगिक गतिविधियाँ।
  • व्याकरण सिखाने के फायदे और नुकसान लिखिए।
    1. फायदे: भाषा कौशल में सुधार, स्पष्टता में वृद्धि। नुकसान: छात्रों में रुचि की कमी, और रटने की प्रवृत्ति।
  • भाषा अधिग्रहण क्या है? इस मामले में शिक्षक की क्या भूमिका है?
    1. भाषा अधिग्रहण वह प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति स्वाभाविक रूप से भाषा सीखता है। शिक्षक की भूमिका मार्गदर्शन, प्रोत्साहन, और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
  • मातृभाषा शिक्षा के लिए अपेक्षाओं को लिखिए?
    1. मातृभाषा शिक्षा के लिए अपेक्षाएँ हैं: भाषा की गहरी समझ, सांस्कृतिक पहचान का विकास, और संवाद कौशल में सुधार।
  • संचार और प्रतिबिंब के साधन के रूप में भाषा की भूमिकाओं को लिखिए?
    1. भाषा संचार का मुख्य साधन है, जो विचारों और भावनाओं का आदान-प्रदान करती है। यह प्रतिबिंब का माध्यम भी है, जिससे व्यक्ति अपने अनुभवों को समझता है।
  • शिक्षा में सुनने की भूमिका लिखिए?
    1. शिक्षा में सुनने की भूमिका महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह छात्रों को जानकारी ग्रहण करने, विचारों को समझने, और संवाद कौशल विकसित करने में मदद करती है।
  • सुनवाई की प्रकृति क्या है और यह क्या है? इस पर संक्षेप में चर्चा कीजिए।
    1. सुनवाई एक सक्रिय प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति ध्वनियों और शब्दों को ग्रहण करता है। यह संज्ञानात्मक और भावनात्मक दोनों स्तरों पर होती है।
  • मूक पठन और मौन पठन के बीच तुलना पर चर्चा करें?
    1. मूक पठन में व्यक्ति अपनी आँखों से पढ़ता है, जबकि मौन पठन में व्यक्ति शब्दों को बिना उच्चारण किए पढ़ता है। मूक पठन अधिक ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है।
  • हस्तलिपि और वर्तनी क्यों लिखें?
    1. हस्तलिपि और वर्तनी लिखने से विचारों को स्पष्टता मिलती है, और यह संचार को प्रभावी बनाता है। सही वर्तनी और अच्छी हस्तलिपि से पाठक को समझने में आसानी होती है।

 


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